तीन बार के पैरालंपिक पदक विजेता देवेंद्र झाझरिया को इस साल के राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के चयन समिति में शामिल किया गया है. जबकि उच्चतम न्यायालय के रिटायर्ड न्यायाधीश और जस्टिस मुकुंदकम शर्मा को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. जानकारी के मुताबिक, अनुभवी मुक्केबाज सविता देवी, हॉकी कोच बलदेव सिंह, पूर्व राइफल शूटर अंजली भागवत और पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद को भी चयन समिति में शामिल किया गया है.

देश ने ओलंपिक में अभूतपूर्व सात पदक के साथ दोनों स्पर्धाओं में ऐतिहासिक परिणाम हासिल किए, जिसके बाद पैरालिंपिक में पांच स्वर्ण सहित 19 का रिकॉर्ड बनाया गया. खेल मंत्रालय ने एक परिपत्र में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति मुकुंदकुम शर्मा को समिति के अध्यक्ष के रूप में चुना गया है, जिसमें पूर्व निशानेबाज अंजलि भागवत और महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा भी शामिल हैं. जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा स्वर्ण के साथ ओलंपिक के सबसे बड़े स्टार थे, जो खेलों में भारत का पहला एथलेटिक्स पदक था और 13 वर्षों में पहला शीर्ष स्थान था.

झाझरिया ने हाल में ही संपन्न हुए टोक्यो पैरालंपिक 2020 में रजत पदक जीता था. इससे पहले उन्होंने साल 2004 और 2016 में स्वर्ण पदक अपने नाम किए थे. चयन समिति अब कुछ दिनों के भीतर मिलकर विजेताओं की घोषणा करेगी. इस साल सरकार ने खेल पुरस्कार समारोह को देरी से कराने का फैसला किया था.

सर्वोच्च सम्मान खेल रत्न पुरस्कार है, जिसे इस वर्ष राजीव गांधी खेल रत्न से बदलकर ध्यानचंद खेल रत्न कर दिया गया, इसके बाद अर्जुन पुरस्कार मिला। खेल रत्न में 25 लाख रुपए की पुरस्कार राशि दी जाती है, जबकि अर्जुन अवॉर्ड विजेता को 15 लाख रुपए की पुरस्कार राशि दी जाती है. कोचों के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार है. वार्षिक सम्मान में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार और साल 2021 के लिए मौलाना अबुल कलाम आजाद (माका) ट्रॉफी भी शामिल है.

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