मुखिया का चुनाव लड़ने के लिए एक युवक को उसकी जाति का सटिर्फिकेट किसी तकनीकी वजह से नहीं बना तो गांव की एक लड़की के साथ बगैर लग्न व बैंड-बाजे के मंदिर में सात फेरे ले लिए। साथ ही लड़की की विदाई करा अपने घर भी ले आया। इस लड़की का जाति प्रमाण पत्र पहले से है। अब वो आसानी से पंचायत चुनाव लड़ सकती है | सात फेरे लेने के बाद उसने कहा कि हम न सही, हमारी पत्नी ही सही। अब वही चुनाव लड़ेगी।

यह घटना जिले के खिजरसराय प्रखंड के होरमा पंचायत के बिंदौल गांव की है। दांगी समाज के युवक आदित्य कुमार उर्फ राहुल इस बार पंचायत मुखिया का चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे थे। वह अपने दस्तावेज को मजबूत कराने व प्रमाण पत्र लेने के लिए अपने प्रखंड के विभिन्न दफ्तरों का चक्कर लगा रहे थे। पूरा गाव में जोर शोर से चुनाव की तैयारी कर रहे शख्स बोला मेरा कागज नहीं बना तो क्या हुआ मेरी पत्नी के पास तो है पेपर से वही चुनाव लड़ेगी।

ख़बरों की माने तो आदित्य कुमार उर्फ राहुल के जमीन से संबंधित खतियान में उनके नाम के साथ दांगी शब्द का उल्लेख नहीं है, इसलिए उनका जाति प्रमाण पत्र नहीं बन सकता है। इसके बाद उन्होंने प्रखंड के नौडिहा गांव की युवती सरिता, जो उन्हीं की समाज की है | शादी करने का मन बना लिया।

युवती के साथ केनी गांव स्थित सूर्य मंदिर में पहुंच गए। वहां उन्होंने बगैर किसी लग्न पत्री व बैंड-बाजे के ही भगवान सूर्य को साक्षी मान कर शादी रचा ली। इस मौके पर वर व वधू पक्ष के लोग भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि युवक ने अपने समाज की सहमति पर ही यह शादी मंदिर में रचाई है।

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