14/September/2021, 21:47

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आज हिंदी दिवस का दिन है. आज यानी 14 सितंबर 1949 में हिंदी भाषा को राजभाषा का दर्जा भारत में दिया गया था। आज हिंदी दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं और भी कई अन्य नेताओं ने हिंदी दिवस की शुभकामनाएं लोगों को दी है उन्होंने ट्वीट के जरिए सभी लोगों को इस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने लिखा कि हिंदी भाषा को सक्षम एवं समृद्ध भाषा बनाने में अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों ने अपनी भूमिका अदा की है।

उन्होंने कहा कि, आप सभी को हिन्दी दिवस की ढेरों बधाई। हिन्दी को एक सक्षम और समर्थ भाषा बनाने में अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। यह आप सबके प्रयासों का ही परिणाम है, कि वैश्विक मंच पर हिन्दी लगातार अपनी मजबूत पहचान बना रही है।

इस मौके पर अमित शाह भी बधाइयां देने से नहीं चूके उन्होंने भी हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए ट्विटर पर लिखा की, हिंदी दिवस के अवसर पर मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूँ कि मूल कार्यों में अपनी मातृभाषा के साथ राजभाषा हिंदी का उत्तरोत्तर प्रयोग करने का संकल्प लें। मातृभाषा व राजभाषा के समन्वय में ही भारत की प्रगति समाहित है। आप सभी को ‘हिंदी दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं। भाषा मनोभाव व्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है। हिंदी हमारी सांस्कृतिक चेतना व राष्ट्रीय एकता का मूल आधार होने के साथ-साथ प्राचीन सभ्‍यता व आधुनिक प्रगति के बीच एक सेतु भी है। मोदी जी के नेतृत्व में हम हिंदी व सभी भारतीय भाषाओं के समांतर विकास के लिए निरंतर कटिबद्ध है।

हिंदी भाषा हमारे देश में बहुत पहले से ही बोली जाती है, एवं सन 1949 में हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया गया था। तभी से यह है। आज के दिन मनाया जाता है। भारत की संविधान सभा ने हिंदी के अलावा अंग्रेजी को भी आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया था। परंतु 1949 में 14 सितंबर को संविधान सभा के द्वारा सिर्फ हिंदी भाषा को ही भारत की राष्ट्रभाषा बनाया गया था। हमारे देश में पहला। हिंदी दिवस 14 सितंबर 1953 को मनाया गया था।

पूरी दुनिया में हिंदी भाषा चौथे नंबर पर बोली जाती है बाकी 3 भाषाएं अंग्रेजी, स्पेनिश एवं मंदारिन यह बोली जाती है। हिंदी दिवस के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति द्वारा हर वर्ष भाषा के लिए जो लोग योगदान करते हैं, उनको राजभाषा पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। भारत में जब हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा चुना गया था उस साल भारत के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे।

हिंदी भाषा का अस्तित्व

भारत में हिंदी भाषा राजभाषा है। लेकिन धीरे-धीरे इसका प्रभाव कम होता जा रहा है अंग्रेजी भाषा की तुलना में हिंदी भाषा का अस्तित्व कम हो चुका है, और बहुत से पढ़े लिखे लोग हिंदी भाषा को बोलने से शर्म महसूस करने लगे हैं। लोग समझने लगे हैं कि यदि हम हिंदी बोलेंगे तो इससे हमारी बेज्जती हो जाएगी यदि किसी को कोई नौकरी करनी है परंतु उसे अंग्रेजी भाषा का अनुभव नहीं है, तो कंपनी उसका काम ना देख कर उसकी भाषा के हिसाब से उसको समझती है। अगर हिंदी भाषा को इसी तरह महत्व नहीं दिया जाता है, तो यह निश्चित है कि 1 दिन ऐसा जरूर आएगा जब हिंदी भाषा का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। इसलिए हिंदी भाषा को आगे बढ़ाने के लिए हमें सभी जगह पर है चाहे वह प्राइवेट है, या सरकारी नौकरी हो उसमें हिंदी भाषा को अवश्य बोलना चाहिए। अगर इसके महत्व को जिंदा रखना है तो लोगों को हिंदी में भी बातें करनी होंगी।

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