लखीमपुर खीरी में एक केंद्रीय मंत्री के काफिले में एक वाहन द्वारा किसानों को कथित रूप से कुचल दिए जाने के बाद हिंसा भड़कने के बाद एक वाहन में आग लगा दी गई। Image Source- PTI

.पिछले दिनों में किसानों का 3 कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन तेज हो गया है। किसान भारत में हर जगह आंदोलन करते नजर आ रहे हैं। लेकिन अचानक यूपी के लखीमपुर, खीरी में किसानों के इस आंदोलन के दौरान एक बड़ी दुर्घटना हो गई है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या रविवार के दिन लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी से किसी काम के सिलसिले में मिलने के लिए उनके गांव बनवीर पुर के लिए जा रहे थे। जिसके बाद उनको रास्ते से अपने साथ गांव ले जाने के लिए अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने अपने कई लोगों को साथ लेकर घर से निकल गए। वह आधे रास्ते में भी नहीं पहुंच पाए थे कि तभी किसानों ने उनकी कार को चारों तरफ से घेर कर वहीं रोक दिया, वह उनसे कहने लगे कि जो भी तीनों नए कृषि कानून बनाए गए हैं, उनको वापस लिया जाए। जिसके बाद आशीष मिश्रा ने वहां से बिना कोई जवाब दिए आगे बढ़ने की कोशिश की। उन्होंने ड्राइवर से स्पीड तेज करने को कहा। स्पीड तेज होते ही 2 किसान कार को रोकने के लिए उसके आगे आ गए और जिसकी वजह से दोनों किसान गाड़ी के नीचे कुचले गए, दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से भड़के अन्य किसानों ने मंत्री के बेटे की दोनों गाड़ियों में आग लगा दी। जिसके बाद केशव प्रकाश मोरिया गांव भी पहुंचे और अपने काम को अंजाम दिया।

इस घटना की जानकारी भारतीय किसान यूनियन ने ट्वीट के माध्यम से दी। उन्होंने कहा कि, , ‘कृषि कानूनों का शांतिपूर्ण विरोध कर रहे किसानों को गृह राज्यमंत्री के पुत्र द्वारा, गाड़ी से रौंदना घोर अमानवीय और क्रूर कृत्य है. उप्र दंभी भाजपाइयों का ज़ुल्म अब और नहीं सहेगा. यही हाल रहा तो उप्र में भाजपाई न गाड़ी से चल पाएंगे, न उतर पाएंगे.’

विपक्ष ने बोला बीजेपी पर हमला

इस घटना की वजह से विपक्ष ने बीजेपी पर हमला बोला है। अखिलेश यादव ने ट्वीट करके घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि, ‘लखीमपुर खीरी में आंदोलन कर रहे किसानों को गृह राज्य मंत्री टेनी के बेटे ने गाड़ी से रौंदा 3 किसानों की मौत. तेजेंद्र सिंह विर्क के भी घायल होने की सूचना है. राकेश टिकैत गाजीपुर से निकल रहे हैं.’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करके कहा कि, “जो इस अमानवीय नरसंहार को देखकर भी चुप है, वो पहले ही मर चुका है. लेकिन हम इस बलिदान को बेकार नहीं होने देंगे- किसान सत्याग्रह ज़िंदाबाद.’

इसके अलावा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके कहा कि, ‘कृषि कानूनों का शांतिपूर्ण विरोध कर रहे किसानों को भाजपा सरकार के गृह राज्यमंत्री के पुत्र द्वारा, गाड़ी से रौंदना घोर अमानवीय और क्रूर कृत्य है. यूपी दंभी भाजपाइयों का ज़ुल्म अब और नहीं सहेगा. यही हाल रहा तो प्रदेश में भाजपाई न गाड़ी से चल पाएंगे, न उतर पाएंगे.’

जिसके बाद आप के सांसद संजय तिवारी ने लिखा कि, ‘सत्ता का ऐसा नशा न आपने कभी देखा होगा न सुना होगा. 3 आंदोलनकारी किसानो को मंत्री के बेटे ने गाड़ी से रौंदकर मार दिया. कितने किसानो की शहादत लेंगे मोदी जी? हत्यारों को गिरफ़्तार करो CBI से जांच कराओ परिवार को मुआवज़ा दो.’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि, ‘लखीमपुर में प्रदर्शन कर रहे किसानो को गाड़ी से कुचलना हिंसक और अन्यायपूर्ण है। कई किसान भाइयों के मारे जाने खबर मिल रही है। प्रभु उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। दुःख की इस घड़ी में किसान भाइयों के साथ हूँ। ऐसा घोर अपराध करने वाले दोषियों को सख़्त से सख़्त सजा दी जाय’.

इसके बाद रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने भी ट्वीट करके बोला कि, “लखीमपुर खीरी से दिल दहलाने वाली खबरें आ रहीं हैं. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा का क़ाफ़िला आंदोलनकारी किसानों पर चढ़ा दिया गया. 2 किसानों की मौत हो गई और कई घायल हैं. विरोध को कुचलने का काला कृत्य जो किया है, साज़िश जब गृह मंत्री रच रहे हैं, फिर कौन सुरक्षित है?”

कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि, “लखीमपुर खीरी में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे और भाजपा कार्यकर्ताओं ने मासूम किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी, गोलियां तक चलाईं. 2 किसानों की जान गई है, कई घायल हैं. यह घटना दु:खद एवं शर्मनाक है. अराजकता और गुंडई के बल पर विरोध की आवाज को कुचलना भाजपा की हिटलरशाही है.”

इसके अलावा भी इस पर कई अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया अब तक आ चुकी है।

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