Image Source- News Agency

3 अक्टूबर की शाम के समय उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक बड़ी घटना हुई। यहां केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के कार के नीचे आकर 4 की मौत हो गई, एवं जिसके बाद 5 की मौत की पुष्टि हुई। मरने वालों में 4 किसान है, 2 पत्रकार है, और दो बीजेपी के कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं. एवं 1 अजय मिश्रा का ड्राइवर शामिल है।

सुबह से ही राज्य में इसके खिलाफ किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी विरोध प्रदर्शन को रोकने की वजह से यूपी सरकार ने यहां इंटरनेट की सभी सेवाएं भी बंद कर दी है। विपक्षी नेताओं और किसानों ने मांग उठाई है कि जब तक केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या का इस्तीफा नहीं लिया जाएगा वह तब तक विरोध प्रदर्शन को जारी रखेंगे। केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा के विरोध में तूकनिया थाने में यह मामला दर्ज कराया गया है।

योगी आदित्यनाथ ने घटना को बताया दुखद

उत्तर प्रदेश की सरकार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को दुखद बताते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने कहा है कि, जनपद लखीमपुर खीरी में घटित हुई घटना अत्यंत दुःखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। @UPGovt इस घटना के कारणों की तह में जाएगी तथा घटना में शामिल तत्वों को बेनकाब करेगी व दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करेगी।

घटनाक्रम पर भड़का विपक्ष

इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्ष भड़का हुआ नजर आ रहा है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इस घटना के होने के बाद रात को ही लखनऊ के लिए रवाना हो गई थी। वह वहां पहुंचती उससे पहले ही उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और हिरासत में लिया। जिससे प्रियंका गांधी ने जमकर बवाल मचाया है। पुलिस ने प्रियंका गांधी को रोकने के लिए 5 घंटे तक ढूंढा, तब जाकर पुलिस ने प्रियंका को हरगांव से गिरफ्तार किया, जिसके बाद प्रियंका गांधी पुलिस से भिड़ गई।

उन्होंने पुलिस से कई तरह के सवाल किए। उन्होंने कहा कि “अगर हिम्मत है, तो छूकर दिखाओ” उनका एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा है कि, अगर इस गाड़ी में लेकर जाओगे तो मेरा अपहरण कर लोगे. उन्‍होंने पुलिस से कहा, ‘यही है तुम्‍हारा लीगल स्‍टेटस. मत समझो कि मैं नहीं समझती.’ इसके बाद एक पुलिसवाला कहता है कि इन्‍हें गिरफ्तार कर लो. इस पर प्रियंका ने कहा, ‘करो हमें अरेस्‍ट, हम खुशी से जाएंगे तुम्‍हारे साथ. तुम जो हमें धकेल रहे हो ना, इसमें फिजिकल असॉल्‍ट, किडनैप की कोशिश, अटेंप्‍ट टू मोलेस्‍ट और अटेंप्‍ट टू हार्म है.’

प्रियंका गांधी ने पुलिस पर भड़कते हुए कहा है कि, समझती हूं मैं सब, छूकर दिखाओ मुझे. अपने अफसरों और मंत्रियों से जाकर वारंट लाओ. महिला से बात करना सीखो.’ उन्‍होंने पुलिस अफसर से कहा, ‘तुम्‍हारे प्रदेश में भले ही कानून ना हो, लेकिन इस देश में कानून है. मुझे धकेलकर यहां लाए हो और मुझे जबरदस्‍ती ले जा रहे हो. तुम्‍हारा कोई हक नहीं है.’ उन्‍होंने कहा, ‘बिना किसी वारंट के आप मुझे किस आधार पर रोक रहे हैं. मुझे वारंट दिखाओ नहीं तो मैं यहां से नहीं हिलूंगी.’

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी लखीमपुर खीरी के लिए रवाना होने ही वाले थे कि, पुलिस ने उन को वहीं रोक दिया। जिससे अखिलेश पूरा भड़क गए और उन्होंने अपने घर के पास ही धरना देना शुरू कर दिया। “अखिलेश ने कहा कि ये सरकार किसानों पर जैसा जुल्म कर रही है, वैसा जुल्म तो अंग्रेज भी नहीं करते थे.”

उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द केंद्रीय मंत्री मिश्रा और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या का इस्तीफा मांगा जाए। अखिलेश जब प्रदर्शन कर रहे थे तो उनके घर के पास पुलिस की एक गाड़ी भी जला दी गई। इस घटना का इल्जाम भी अखिलेश ने पुलिस पर लगाया।

हिंसा के बाद योगी सरकार और किसानों के बीच ढलती शाम हुआ समझौता

शाम के समय योगी सरकार और किसानों के बीच समझौता हुआ। सरकार ने ऐलान किया है कि मृतकों के परिवारों को 45-45 मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा मृतकों के परिवारों में से किसी एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। किसानों की यह मांग भी मानी गई है कि इस मामले की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे। इसके अलावा जो इस दुर्घटना के दौरान घायल हुए हैं उनको 10 -10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। जब योगी सरकार ने किसानों में यह वादे किए उसके बाद किसानों ने शांति के साथ रविवार शाम को अपना आंदोलन समाप्त कर दिया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here