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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसक घटना के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी लखनऊ दौरे पर पहुंचे। उन्होंने वहां पहुंचकर यह ऐलान कर दिया है कि, उत्तर प्रदेश में जो किसान मारे गए हैं उनको पंजाब सरकार की तरफ से 50 लाख का मुआवजा दिया जाएगा।

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी एक ऐसा ही ऐलान किसानों के लिए किया है। उन्होंने भी कहा कि सभी मारे गए किसानों और पत्रकार के परिवारों को छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से 50 लाख का मुआवजा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री चन्नी ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा कि, “जिन किसानों की मौत हुई है पत्रकार समेत प्रत्येक के परिवार को हम पंजाब सरकार की तरफ से 50 लाख रुपये देंगे।” चेन्नई ने आगे बोला कि, “मैं आज राहुल गांधी के नेतृत्व में लखनऊ पहुंचा हूं। घटनास्थल पर जाना है। किसानों और पत्रकारों को मार गिराया गया है। मुझे दुख है कि किस तरह योजना बनाकर हमला हुआ। किसानों को मारा जाएगा तो हम चुप नहीं बैठ सकते।”

उन्होंने कहा कि, “हम मारे गए किसानों के परिवारों के साथ खड़े हैं। पंजाब सरकार की ओर से मैं पत्रकार सहित मृतकों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये देने की घोषणा करता हूं.”

भूपेश बघेल ने भी बयान देते हुए कहा कि सभी पीड़ित परिवार के लिए सरकार की तरफ से हर्जाना दिया जाएगा। वह कहते हैं कि, “छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से, मैं (लखीमपुर खीरी में) किसानों और पत्रकार के परिवारों के लिए 50-50 लाख रुपये की घोषणा करता हूं.”

पंजाब सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार यदि किसानों के परिवारों को मुआवजा देगी तो इससे योगी सरकार की मुश्किलें कुछ बढ़ सकती है। क्योंकि जब किसानों और प्रशासन के बीच फैसला हुआ था तो उसमें प्रशासन की तरफ से मृत किसानों के परिवारों को 45-45 लाख रुपए तक का मुआवजा देने का समझौता किया गया था। इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का वादा भी किसानों के परिवारों के साथ किया गया था।

लखीमपुर खीरी जाने की जिद में लखनऊ एयरपोर्ट पर धरने पर बैठ चुके हैं कई विपक्षी नेता

किसानों से मिलने जा रहे कई विपक्षी नेताओं को लखनऊ एयरपोर्ट पर ही रोका गया था। परंतु वह सभी वहीं धरने पर बैठ गए और मांग करने लगे कि उनको किसानों से मिलने लखबीर पुर खीरी जाना है। इसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेंद्र बघेल और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल है।

प्रशासन ने उनकी बात मान ली है, परंतु वह राहुल गांधी को और अन्य विपक्षी नेताओं को अपनी गाड़ियों में लखबीर पुर खीरी ले जाना चाहते थे।, परंतु राहुल गांधी ने जिद पकड़ ली थी। उन्होंने कहा था कि वह अपने ही गाड़ियों से लखीमपुर खीरी जाएंगे।

इस बारे में राहुल गांधी ने मीडिया में बताया कि, “हमें अपनी गाड़ी में लखीमपुर खीरी जाना है लेकिन ये (पुलिस) चाहते हैं कि हम इनके साथ इनकी गाड़ी में जाए। इसका मतलब है कि ये कुछ न कुछ बदमाशी कर रहे हैं इसलिए हम लोग यहां बैठे हुए हैं।”

राहुल ने आगे कहा कि, “हमें अपनी गाड़ी में लखीमपुर खीरी जाना है। ये चाहते हैं कि हम इनके साथ इनकी गाड़ी में जाएं। देश का नागरिक हूं आप मुझे क्यों नहीं जाने दे रहे हैं? पहले इन्होंने कहा कि आप अपनी गाड़ी में जा सकते हैं, अब बोल रहे हैं कि आप पुलिस की गाड़ी में जाएंगे।”

जिसके बाद पुलिस ने सुरक्षा देकर राहुल गांधी को एयरपोर्ट से निकाला, और वह प्रियंका गांधी को लेने सीतापुर पहुंचे थे। वहीं से वह लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हुए थे। दरअसल उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी विपक्षी नेताओं को लखीमपुर जाने की इजाजत दे दी है। जिसकी वजह से विपक्ष लखीमपुर जाने लगा है। राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी और भी कई अन्य नेता लखीमपुर जा चुके हैं।

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