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लखीमपुर खीरी मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र ने अपने बेटे के बचाव में बयान दिया है। जहां किसान और विपक्ष लगातार उनके बेटे पर आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने किसानों को अपनी गाड़ी के नीचे कुचलकर मार डाला, उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना होगा। वहीं दूसरी और उनके पिता केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र ने एक बयान के जरिए दावा किया है कि, उनका बेटा घटनास्थल पर ही मौजूद नहीं था। यदि वह वहां मौजूद था तो उसका एक सबूत तो दिखाया जाए यदि इसका कोई एक सबूत भी है तो मैं अपने मंत्री पद से भी इस्तीफा दे दूंगा।

मंत्री अजय मिश्र टेनी ने कहा कि वह जानते हैं कि, उनके बेटे पर लगे सारे आरोप गलत है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि, ‘मैं लगातार अपनी बात रख रहा हूं. हमारे पास यह साबित करने के सबूत हैं कि ना तो मैं और ना ही मेरा बेटा घटनास्थल पर मौजूद था. मेरे बेटे की मौजूदगी का एक भी वीडियो दिखा दें, मैं मंत्री पद से इस्तीफा दे दूंगा. हमलोग किसी तरह की जांच का सामना करने को तैयार हैं. जो भी दोषी है, जिसने यह सब प्लान किया, उसे छोड़ा नहीं जाएगा.

लगातार मांग उठ रही है कि गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी और उनके बेटे आशीष मिश्र का इस्तीफा लिया जाए। इस मामले में आशीष मिश्र के खिलाफ एफ आई आर भी दाखिल की गई है। आशीष FIR पर नाराज दिखे हैं। उन्होंने कहा है कि, अगर मेरे खिलाफ केस दर्ज किया गया है तो फिर राकेश टिकैत के खिलाफ क्यों नहीं किया गया? मैं घटनास्थल पर मौजूद नहीं था. जो बीजेपी कार्यकर्ता मारे गए हैं, उन्हें भी मुआवजा मिलना चाहिए.

सुबह से ही लखीमपुर खीरी में जहां वारदात हुई है उस जगह की एक वीडियो भी वायरल हो रही है। उसमें देखा गया है कि एक काली गाड़ी प्रदर्शन कर रहे किसानों के ऊपर चढ़कर उन को कुचलते हुए निकल रही है।

इस वीडियो को कई कांग्रेसी नेताओं ने अपने ट्विटर अकाउंट पर डाल कर योगी सरकार पर हमला बोला है, यह वीडियो प्रियंका गांधी ने शेयर किया है, और लिखा है कि, . “@narendramodi जी आपकी सरकार ने बग़ैर किसी ऑर्डर और FIR के मुझे पिछले 28 घंटे से हिरासत में रखा है। अन्नदाता को कुचल देने वाला ये व्यक्ति अब तक गिरफ़्तार नहीं हुआ। क्यों?”

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने वीडियो शेयर करते हुए कहा है कि, “क्या इसके बाद भी कोई प्रमाण चाहिए? देखिये सत्ता के अहंकार में चूर गुंडे ने किसानों को अपनी गाड़ी के नीचे कैसे रौंदकर मार दिया कुछ चैनल ज्ञान दे रहे थे मंत्री का बेटा जान बचाने के लिए भागा।’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी वीडियो शेयर करके लिखा है कि, “ये वास्तव में ह्रदय विदारक है। ये तस्वीरें कानून और सिस्टम को शर्मसार कर देने वाली हैं। जो भी लोग दोषी हों उनके ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि किसान परिवारों को न्याय मिल सके।’

शरद पवार ने बयान देते हुए कहा है कि, “जलियांवाला बाग में जैसी स्थिति थी, वैसी ही आज यूपी में हो गई है. किसान ये भूलेगा नहीं. केंद्र सरकार को असंतोष का सामना करना पड़ेगा.’ उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार के काफिले ने किसानों की हत्या की है. किसानों की हत्या के लिए यूपी सरकार और केंद्र सरकार जिम्मेदार है. ”

इस मामले में जेडीयू नेता केसी त्यागी का भी बयान सामने आ चुका है। उन्होंने कहा है कि, ‘जो वीडियो वायरल हो रहा है वो ब्रिटिश काल की याद दिलाता है. जब कानून व्यवस्था सिर्फ नाम मात्र की थी. केरल में जब पहली बार सोशलिस्ट सरकार बनी थी तब मजदूर आंदोलन में गोली चली थी तब जेपी ने मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांग लिया था.’ उन्होंने कहा, ‘मंत्री और उनके बेटे के खिलाफ FIR दर्ज हुई है. मैं उम्मीद करता हूं कि जांच सही होगी. किसान संगठन चाहते थे कि राकेश टिकैत वहां आएं और प्रशासन से बात करें.’

शिवसेना सांसद संजय राउत ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि, ‘बहुत दुखद घटना है. मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कई मौकों पर भावुक होते देखा है. लालकिले की हिंसा पर वो भावुक हुए थे. लेकिन अभी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले पर मौन क्यों हैं?’

उन्होंने कहा, ‘प्रियंका गांधी को रोककर सरकार ने गलत किया, वो इंदिरा गांधी की पोती हैं, जिन्होंने पाकिस्तान के दो दुकड़े कर दिए थे. अगर यही घटना किसी और राज्य में हुई होती तो अब तक बीजेपी के लोग कोहराम मचा रहे होते.’ संजय राउत ने ये भी कहा कि ‘अगर कोई किसानों के दुखों में शरीक होना चाहता है तो सरकार उसको क्यों रोकना चाहती है? लोकतंत्र में ये अधिकार है सबको.

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