5/September/2021, 20:45

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महाराष्ट्र में कोरोना के केसों को एक बार फिर बढ़ते देख वहां के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे चिंता में पड़ गए हैं। उन्होंने कहा है कि, यह त्योहारों का सीजन चल रहा है, लेकिन त्योहारों को बाद में भी मनाया जा सकता है। उससे पहले नागरिकों के स्वास्थ्य पर ध्यान देना हमारी पहली प्राथमिकता होगी। देश में इन त्योहारों के सीजन में महाराष्ट्र में कोरोना के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हैं। इससे ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि यह कोरोना तीसरी लहर की घंटी है।

महाराष्ट्र में सोमवार को आपदा प्रबंधन बैठक हुई जिसमें मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और भी कई दूसरे वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों के साथ शामिल हुए एवं उन्होंने उस में कहा कि, “हम बाद में त्योहार मना सकते हैं। आइए हम अपने नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। दैनिक मामलों में स्पाइक को देखते हुए स्थिति हाथ से निकल सकती है”. “त्योहारों और धार्मिक कार्यक्रमों पर कौन प्रतिबंध लगाना चाहेगा? लेकिन लोगों का जीवन महत्वपूर्ण है,” उन्होंने कहा।

महाराष्ट्र में सोमवार को आपदा प्रबंधन बैठक हुई जिसमें मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और भी कई दूसरे वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों के साथ शामिल हुए एवं उन्होंने उस में कहा कि, “हम बाद में त्योहार मना सकते हैं। आइए हम अपने नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। दैनिक मामलों में स्पाइक को देखते हुए स्थिति हाथ से निकल सकती है”. “त्योहारों और धार्मिक कार्यक्रमों पर कौन प्रतिबंध लगाना चाहेगा? लेकिन लोगों का जीवन महत्वपूर्ण है,” उन्होंने कहा।

उद्धव ठाकरे कहते हैं कि सभी त्यौहार करीब आ रहे हैं एवं सभी त्योहार बहुत जरूरी होंगे, वह चुनौती से भी भरे होंगे। वह कहते हैं कि इस बात पर ध्यान देना की चीजें पूरी तरह से काबू में रहे इस बात की जिम्मेदारी राजनीतिक दलों पर होगी। उन्होंने कहा है कि, “COVID-19 की तीसरी लहर हमारे दरवाजे पर है”। वह कहते हैं कि, “केरल में प्रतिदिन 30,000 मामलों की वृद्धि देखी जा रही है। यह खतरे का संकेत है और अगर हमने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो महाराष्ट्र को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

आंकड़े बताते हैं कि पिछले काफी समय से महाराष्ट्र में कोरोना तेजी से फैल रहा है। 1 दिन में 400 से भी ज्यादा कोरोना के मामले मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बीते रविवार को महाराष्ट्र में 4,057 कोरोनावायरस मामलों के मिलने की खबर दी जिसकी वजह से राज्य में यह वायरस 64 ,86,174 हो गया एवं 67 मरीजों की इस बीमारी से मौत हो गई जिससे टोल 1,37,774 हो गया।

राज्य में ऑक्सीजन

मुख्यमंत्री ठाकरे कहते हैं कि यदि कोरोना प्रतिबंधों में कमी की जाती है तो यह ऑक्सीजन की उपलब्धता पर आधारित होगी और कहा कि,”लोगों पर निर्भर है कि वे महामारी की ‘तीसरी लहर’ को रोकें या आमंत्रित करें “।

इससे पहले उद्धव ठाकरे यह कह चुके हैं कि महाराष्ट्र भारत में एक अकेला ऐसा राज्य है जो करो ना से निपटने के लिए अपने स्वास्थ्य ढांचे को उन्नत करेगा। जैसा कि किसी अन्य देश ने नहीं किया है”। “हम केवल ऑक्सीजन उत्पादन में कमी कर रहे हैं, जिसमें थोड़ा अधिक समय लगता है। वर्तमान में, हमारा दैनिक ऑक्सीजन उत्पादन लगभग 1,200 से 1,300 मीट्रिक टन है जिसका उपयोग औद्योगिक और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए किया जाता है। औद्योगिक उद्देश्य के लिए, ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है स्टील, कांच और फार्मा क्षेत्र। हमें गैर-सीओवीआईडी ​​​​-19 रोगियों के लिए प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन और सीओवीआईडी ​​​​-19 रोगियों के लिए 200 मीट्रिक टन की आवश्यकता है, “उन्होंने कहा था।

ठाकरे कहते हैं कि कोविड-19 कि जब दूसरी लहर भारत में आई थी जब लगभग रोजाना 1,700 से 1,800 मैट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत लोगों को पड़ती थी एवं इतनी ऑक्सीजन राज्य एक दूसरे राज्य से खरीदता है। वह कहते हैं कि उन्होंने महाराष्ट्र में ऑक्सीजन का उत्पादन मौजूद 1,400 मैट्रिक टन से बढ़ाकर 3,000 मैट्रिक टन करने के आदेश दिए हैं। लेकिन, इसमें समय लगेगा। अगर वहां मामलों की संख्या बढ़ती है तो हमें अन्य राज्यों से पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल सकती है”।

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