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इटली रोम में 6-7 अक्टूबर को पीस कॉन्फ्रेंस कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी निमंत्रण दिया गया था। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार के सामने यह प्रस्ताव रखा, परंतु केंद्र सरकार ने ममता बनर्जी को इसकी इजाजत नहीं दी।

ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि, ‘रोम में विश्व शांति को लेकर बैठक आयोजित की गई है। उसमें मुझे भी बुलाया गया था। इटली ने मुझे इसमें विशेष तौर पर बुलाया था, लेकिन केंद्र ने मंजूरी नहीं दी। ममता ने आगे कहा, ‘आप मुझे रोक नहीं सकोगे। मैं विदेश यात्राओं की उत्सुक नहीं हूं, लेकिन यह देश के सम्मान का मामला था। आप हिंदुओं की बातें करते रहते हो, मैं भी एक हिंदू महिला हूं। आपने मुझे इजाजत क्यों नहीं दी? आप पूरी तरह से ईर्ष्यालु हो।’

इस बारे में विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि, यह प्रस्ताव राजनीतिक नजरिए से पास नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी स्थितियां इतनी अच्छी नहीं है कि किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री को भारत अपनी तरफ से किसी दौरे पर भेजें। अभी इसकी इज़ाजत नहीं दी जा सकती। ममता बनर्जी की ऐसी ही एक चीन यात्रा पहले भी रद्द हो चुकी है।

इस बात का पता चलते ही की ममता बनर्जी को दौरे की इजाजत नहीं दी गई है, टीएमसी ने अपनी तरफ से भी बयान दिया है। टीएमसी की तरफ से युवा नेता देवांगशु भट्टाचार्य ने इस बारे में ट्वीट किया है, और कहा है कि? “केंद्र सरकार ने दीदी की रोम यात्रा की अनुमति नहीं दी! पहले वे चीन यात्रा की अनुमति भी रद्द कर चुके हैं। हमने अंतरराष्ट्रीय संबंधों और भारत के हितों को ध्यान में रखते हुए उस फैसले को स्वीकार किया। अब इटली मोदी जी क्यों? बंगाल से आपको क्या दिक्कत है? छी!”

दरअसल ममता बनर्जी को देश की तरफ से रोम के इस खास कार्यक्रम में आमंत्रण भेजा गया था, जिसके बाद केंद्र सरकार ने ममता को इसके लिए इजाजत नहीं दी। इस कार्यक्रम का आयोजन रोम में 6 और 7 अक्टूबर को किया जाएगा। जो इस कार्यक्रम को आयोजित कर रहे हैं, अपने इस खास कार्यक्रम को और भी ज्यादा खास बनाने के लिए उन्होंने इसमें जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल और इसके अलावा इटली से सभी बड़े राजनैतिक नेताओं को भी निमंत्रण भेजा है। इसी के साथ भारत से बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी बुलाया गया था।

रोम में हर साल यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस कार्यक्रम को आयोजित करने का कारण यह है कि यहां हर साल कम्युनिटी ऑफ सेंटर शांति को बढ़ावा दिया जाता है। जिसकी वजह से हर साल इस कार्यक्रम मैं आरसीसी की प्रार्थना की जाती है। इस कार्यक्रम में देश और दुनिया के बड़े-बड़े लोग शामिल होने के लिए यहां आते हैं। ममता बनर्जी को यहां से पहली बार आमंत्रण मिला था। ममता पहले भी रोम का दौरा कर चुकी है। उस समय वह मदर टेरेसा को संत की उपाधि दी गई थी। उस समय वहां गई हुई थी।

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