8/September/2021, 22:42

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खबर आ रही है कि अमेरिकी कंपनी फोर्ड भारत में अपने दोनों संयंत्रों को बंद करने जा रही है। फोर्ड की कोई भी कार्य किसी भी तरह का वाहन भारत में नहीं बनेगा। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक फोर्ड की वाहन बनाने वाली अमेरिकी कंपनी भारतीय बाजार में अपनी कारों को लांच नहीं करना चाहती। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि, फोर्ड द्वारा यह फैसला लेने का कारण यह है कि उन्हें ऐसा लगता है कि भारतीय बाजार में अपने कारों को लॉन्च करना उनके लिए अब मुनाफे वाला नहीं रहा।

कोरोना के चलते भारतीय बाजार आजकल संघर्ष से भरा हुआ है जिसकी वजह से अमेरिकी कंपनी फोर्ड ऐसा कर रही है। भारतीय बाजार को वापस लय में आने के लिए अभी लगभग 1 साल का समय लग सकता है।

लेकिन फोर्ड कंपनी अपने ही देश में वाहनों का निर्माण करेगी एवं उनको भारत आयात करके अपनी बिक्री को आगे बढ़ा लेगी। इसके अलावा भी कंपनी अपने मौजूदा ग्राहकों को सहायता देने के लिए डीलरों को भी मदद देगी। अभी तक अमेरिकी कंपनी फोर्ड की तरफ से इसकी कोई आधिकारिक जानकारी प्राप्त नहीं हो पाई है।

फोर्ड ने भारत के 2 राज्यों चेन्नई एवं सानंद संयंत्रों में लगभग 2.5 अरब डॉलर लगाएं हैं। अब फोर्ड इन्हीं संयंत्रों से मिलने वाले इकोस्पोर्ट, फिगो और एस्पायर इन सभी वाहनों को भारत में बेचना बंद कर देगी।

इससे पहले भी एक अमेरिकी कंपनी भारत में अपना प्लांट बंद कर चुकी हैं

फोर्ड कंपनी से पहले जनरल मोटर्स ने भी भारत में अपना वाहनों को बनाना बंद कर दिया है। लगभग 2 सालों तक बहुत प्रयास करने के बाद 2017 में जनरल मोटर्स द्वारा बताया गया कि वह भारत में अपने वाहन नहीं बेचेगा।

इसके बाद उसने सबसे पहले गुजरात में स्थित अपना हलोल संयंत्र एमजी मोटर्स को बेच दिया था, लेकिन उसने निर्यात करने के लिए महाराष्ट्र में स्थित तालेगांव संयंत्र को नहीं बेचा एवं उसको चलाया जिसके बाद कोरोना आया, एवं फिर वहां भी पिछले साल दिसंबर में उत्पादन बंद हो गया था।

फोर्ड,अमेरिकी कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अनुराग मेहरोत्रा का कहना है कि, “मैं स्पष्ट होना चाहता हूं कि फोर्ड भारत में हमारे मूल्यवान ग्राहकों की देखभाल करना जारी रखेगी, फोर्ड इंडिया के डीलरों के साथ मिलकर काम कर रही है, जिनमें से सभी ने लंबे समय तक कंपनी का समर्थन किया है”। .
“हम अपने ग्राहकों की देखभाल करने और पुनर्गठन से प्रभावित लोगों की देखभाल के लिए कर्मचारियों, यूनियनों, डीलरों और आपूर्तिकर्ताओं के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

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