Image Source- Facebook Rabort vadra

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी पिछले 3 दिनों से गिरफ्तार हैं। उनको लखनऊ पुलिस ने उस समय गिरफ्तार किया, जब वह लखीमपुर में किसानों से मिलने जाने के लिए लखनऊ पहुंची थी। उनको सीतापुर के पुलिस कंपाउंड में गिरफ्तार करके रखा गया है। प्रियंका गांधी को जब पुलिस ने पकड़ा था तो उन्होंने इसका विरोध करते हुए पुलिस को खरी-खोटी सुनाई थी।

प्रियंका की रिहाई को लेकर पूरी कांग्रेस पार्टी जगह-जगह धरने पर भी बैठी है। जिसके बाद अब प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा को भी प्रियंका से मिलने जाने से लखनऊ एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया है। जिसका राबर्ट ने विरोध किया है। राबर्ट ने बताया कि वह प्रियंका से मिलने जाना चाहते थे, ताकि वह अपनी पत्नी का हाल-चाल जान सके। परंतु उन्हें प्रियंका से मिलने ही नहीं दिया गया। अब तक प्रियंका गांधी को उनके वकील से भी पुलिस ने नहीं मिलने दिया है। जिसको लेकर भी रॉबर्ट वाड्रा चकित दिखाई दिए हैं, इन सब बातों की जानकारी रॉबर्ट वाड्रा ने फेसबुक के द्वारा दी है।

उन्होंने कहा कि, ‘मुझे यह पता करने के लिए कि मेरी पत्‍नी अच्‍छी तरह से है, लखनऊ जाने से रोक दिया गया. यह विश्‍वास से परे है और मैं हैरान हूं. आखिर प्रियंका (Priyanka Gandhi Vadra) को Indian Penal Code के सेक्‍शन के तहत कैसे गिरफ्तार किया जा सकता है. मेरी कल बात हुई और उन्‍होंने बताया कि उन्‍हें अब तक कोई ऑर्डर या नोटिस नहीं दिया गया है.’

प्रियंका के पति रॉबर्ट वाड्रा को लखनऊ जाने से रोक दिया गया जिसकी वजह से वह प्रियंका गांधी से नहीं मिल सके हैं। इसी बीच उन्होंने यह भी बताया कि प्रियंका को गिरफ्तार करके तो रखा गया है, परंतु 2 दिन हो चुके हैं, ना कोई एफआईआर की कॉपी और ना ही उनको कोई कानून की ओर से नोटिस दिया गया है।

उन्होंने कहा कि, न्‍यायिक अधिकारी (judicial officer)के समक्ष पेश नहीं किया गया, वकील से मिलने की इजाजत नहीं दी गई. मैं वास्‍तव में उनके लिए चिंतित हूं…लखनऊ जाने के लिए बैग पैक किया तब बताया गया कि मुझे एयरपोर्ट से बाहर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी. इसके अलावा प्रियंका गांधी भी अपना बयान जारी कर चुकी है। उन्होंने कहा कि, जिस समय मुझे अरेस्‍ट किया गया, मैं सीतापुर जिले में यात्रा कर रही थी जो कि लखीमपुरी खीरी जिले की सीमा से करीब 20 KM दूर है जहां धारा 144 लागे थी. मेरी जानकाीर के अनुसार, सीतापुर में धारा 144 लागू नहीं थी.बहरहाल, मैं, चार अन्‍य लोगों के साथ एक वाहन पर यात्रा कर रही थी, इसमें दो स्‍थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता के अलावा दीपेंद्र हुड्डा और संदीप सिंह थे. इन चार लोगों के अलावा कोई सुरक्षा वाहन या कांग्रेस  कार्यकर्ता मेरे साथ नहीं था.इसके बाद मुझे दो महिला और दो पुरुष कांस्‍टेबल की साथ सीतापुर के PAC कंपाउंड ले जाया गया.इसके बाद मुझे दो महिला और दो पुरुष कांस्‍टेबल की साथ सीतापुर के PAC कंपाउंड ले जाया गया.पांच अक्‍टूबर की शाम 6.30 बजे तक मुझे किस आरोप में गिरफ्तार किया गया है, इस बारे में यूपी पुलिस या प्रशासन की ओर से जानकारी नहीं दी गई है.’

प्रियंका के बयान में कहा गया है, ‘मुझे न तो कोई ऑर्डर या नोटिस दिया गया है, न ही मुझे एफआईआर दिखाई गई है. मैंने सोशल मीडिया पर एक पेपर कए एक हिस्‍सा देखा है जिसमें उन्‍होंने 11 लोगों का नाम दिया है, इसमें से 8 तो मेरी गिरफ्तारी के समय मौजूद भी नहीं थे. तथ्‍य यह है कि इन्‍होंने उन दो लोगों के नाम भी दिए हैं जो चार अक्‍टूबर की दोपहर को लखनऊ से मेरे कपड़े लेकर लाए थे. यहीं नहीं, मुझे न तो मजिस्‍ट्रेट या किसी अन्‍य न्‍यायिक अधिकारी के समक्ष पेश किया गया है. मुझे अपने कानूनी सलाहकार से भी मिलने नहीं दिया गया.

रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि, यह निश्चित रूप से हैरान करने वाला है कि पति के तौर पर मैं जाकर अपनी पत्‍नी का समर्थन भी नहीं कर सकता. शुक्र की बात है कि उन्‍हें (प्रियंका को) बड़ी संख्‍या में लोगों का समर्थन मिल रहा है….जहां तक मेरी बात है, मेरे लिए परिवार और पत्‍नी पहले आती है. मैं उम्‍मीद और प्रार्थना करता हूं कि उन्‍हें जल्‍द रिहा कर दिया जाएगा और वे सुरक्षित वापस लौटेंगी.’

गौरतलब है कि रविवार शाम से ही लखीमपुर खीरी में किसानों का विरोध प्रदर्शन हो रहा है। क्योंकि राज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा पर आरोप है कि, उन्होंने 4 किसानों को अपनी कार के नीचे रौंद कर मार डाला है। इसी सिलसिले में सोमवार सुबह को प्रियंका गांधी किसानों से बात करने लखीमपुर खीरी पहुंची थी, परंतु उनके वहां पहुंचते ही पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया। तब से वह अब तक पुलिस की कैद में है।

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