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भारत के साथ अमेरिका के रिश्ते गहरे हो रहे हैं। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ दिनों पहले ही अमेरिका का दौरा पूरा करके आए हैं। यहां उन्होंने उपराष्ट्रपति कमला हैरिस वे राष्ट्रपति जो बिडेन के साथ बैठक करके अमेरिका और भारत के रिश्तों को और मजबूत करते हुए एक कदम आगे बढ़ाया। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन ने भी भारतीय प्रधानमंत्री का जोरों से स्वागत किया और कई तरह के मुद्दों पर बातचीत की।

दूसरी तरफ भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान इस स्तर पर खुद को गिराता जा रहा है। दरअसल पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका सरकार पर निशाना साधते हुए उसकी कड़ी आलोचना की। उन्होंने यह आलोचना अफगानिस्तान में अमेरिका द्वारा किए गए कार्यों को लेकर की।

इसके अलावा इमरान खान ने जो बिडेन और खुद के बीच किसी भी तरह का कोई सीधा जुड़ाव नहीं है, इस बात पर भी उन्होंने निराशा दिखाई। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन के पास फिलहाल इमरान खान के साथ फोन कॉल पर बात का भी कोई समय नहीं है।

बिडेन के प्रवक्ता ने बताया कारण

जो बिडेन के प्रवक्ता से एक रिपोर्टर द्वारा यह पूछा गया कि क्या बिडेन इमरान खान को बैठक के लिए जल्दी ही बुलाने वाले हैं। इसके जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि, “मेरे पास इस समय अनुमान लगाने के लिए कुछ भी नहीं है।” उन्होंने बताया कि अमेरिका की सरकार के विभिन्न स्तरों के अधिकारियों ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष को से बात कर ली है। परंतु जो बिडेन ने खान से किसी भी तरह का कोई संपर्क नहीं किया है।

इमरान खान से नहीं करना चाहते बात बिडेन

एक रिपोर्टर द्वारा पूछा गया कि, “राष्ट्रपति ने इस आक्रामक कूटनीति का इस्तेमाल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के उस आह्वान का जवाब देने के लिए सीधे बातचीत में क्यों नहीं किया?” जिसके बाद प्रवक्ता शाकी द्वारा जवाब दिया गया कि, “राष्ट्रपति ने इस समय सभी विदेशी नेताओं के साथ बात नहीं की है, यह बिल्कुल सच है। लेकिन निश्चित रूप से, उनके पास एक टीम है। एक विशेषज्ञ टीम को ठीक ऐसा करने के लिए तैनात किया गया है।” पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से जब पूछा गया कि जो बिडेन पाकिस्तान के साथ बातचीत करने पर चुप क्यों है? तो इसके जवाब में इमरान खान ने कहा कि, “मुझे लगता है कि वह बहुत व्यस्त हैं, लेकिन अमेरिका के साथ हमारा रिश्ता सिर्फ एक फोन कॉल पर निर्भर नहीं है, इसमें बहुआयामी संबंध होने की जरूरत है।”

कई मंत्री कर चुके हैं पाकिस्तानी विभागों के साथ बातचीत

प्रवक्ता साकी ने सोमवार को बताया कि “हम पाकिस्तान में विदेश विभाग, रक्षा विभाग और प्रशासन के अन्य प्रमुख घटकों के नेताओं के साथ उच्च स्तर पर संपर्क में हैं।” अमेरिका के कई बड़े मंत्री पाकिस्तानी मंत्रियों के साथ बातचीत कर चुके हैं। वहां की विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से मिल चुकी है। और भी कई मंत्री पाकिस्तानी मंत्रियों से मिल चुके है, एवं मिलने वाले हैं।

एक पाकिस्तानी नेता ने यह भी सवाल किया कि, “अमेरिका में दुभाषियों और अमेरिका की मदद करने वाले सभी लोगों की देखभाल करने के बारे में बहुत चिंता है। हमारे बारे में क्या?” इमरान ने अमेरिका को तालिबान पर कब्जे का भी जिम्मेदार माना। उन्होंने कहा कि, “हमारा इतना नुकसान उठाने का एकमात्र कारण यह था कि हम अफगानिस्तान में युद्ध में अमेरिका, गठबंधन के सहयोगी बन गए थे। अफगान धरती से पाकिस्तान में हमले किए जा रहे हैं। कम से कम प्रशंसा का एक शब्द होना चाहिए था।लेकिन प्रशंसा के बजाय, कल्पना करें कि जब हम अफगानिस्तान में घटनाओं के मोड़ के लिए दोषी ठहराए जाते हैं तो हम कैसा महसूस करते हैं।” 

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