22/September/2021, IST 21:59 PM

Image Source- Dr. shukanta majum twitter

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बीजेपी के नए प्रमुख सुकांता मजूमदार ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा है कि, ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी राज्य में तालिबान शासन की तरह अपना शासन बनाने की पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने ममता बनर्जी पर एक के बाद एक तंज कसा है। जिसके बाद उन्होंने भवानीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने वाले हैं, उन पर भी अपना पक्ष रखते हुए कहा कि, ‘भवानीपुर के लिए पार्टी की रणनीति बेहतर तरह से काम कर रही है. अब टीएमसी के बड़े लोग हमारी प्रत्‍याशी प्रियंका टिबरवाल का नाम सुनते ही चिढ़ने लगते हैं. ममता बनर्जी रोजाना प्रचार कर रही हैं. वह हाल ही में एक मस्जिद गई थीं. इस्‍लाम महिलाओं को मस्जिद में आने की अनुमति नहीं देता. मैंने देखा कि यह इस्‍लाम का अपमान है.’

मजूमदार ने अध्यक्ष पद पर नियुक्त हो जाने के बाद यह भी बयान दिया कि अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों की ओर से चुनाव हो जाने के बाद सभी हिंदू जिन्होंने किसी अन्य पार्टी को वोट दी थी उन सभी के साथ मारपीट की गई। और हिंसा को अंजाम दिया गया। वह आगे कहते हैं कि, ‘यह बंगाल की संस्कृति कभी नहीं थी, हालांकि राजनीतिक संघर्ष कोई नई बात नहीं है. यह भी सच है कि बीजेपी के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर भी हमले हुए हैं. अफसोस की बात है कि बंगाल के बुद्धिजीवियों ने एक शब्द भी नहीं बोला. वे शाम को शैंपेन का आनंद लेना पसंद करते हैं.’

उन्होंने पार्टी नेताओं और मीडिया को संबोधित करते हुए आगे कहा कि, ‘तालिबानीकरण का मतलब यह नहीं है कि कुछ लोग लंबे कपड़ों में बंदूक लेकर घूम रहे हैं. एक अलग विचारधारा का पालन करने वाले या प्रतिद्वंद्वी पार्टी का पालन करने वाले लोगों को मारना वास्तविक तालिबानीकरण है.’

उन्होंने आगे कहा कि, हम किसी भी कीमत पर ममता बनर्जी की तालिबान सरकार को उखाड़ फेंकेंगे. भले ही हम तर्क के लिए विचार करें कि टीएमसी 2024 में बंगाल में सभी 42 लोकसभा सीटें जीत सकती है, फिर भी नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे. टीएमसी का सपना कभी पूरा नहीं होगा. आजमैं अगले चुनावों में बीजेपी को 18 से अधिक लोकसभा सीटें जिताने का वादा करता हूं.’

मजूमदार की इस टिप्पणी पर शिवसेना के नेता संजय राउत बहुत भड़के हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने मजूमदार को इसके लिए आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि, “जहां भाजपा की सरकार नहीं है या विपक्षी दल की सरकार है, वहां भाजपा का मानना ​​है कि तालिबानी शासन है। तालिबानी राज का क्या अर्थ है? लोकतंत्र में इस तरह की भाषा किसी को शोभा नहीं देती। ममता बनर्जी की बहुमत से चुनी हुई है। तो क्या बीजेपी पश्चिम बंगाल के लोगों को ‘तालिबानियों’ कह रही है? अगर राजनीति में ऐसे बयान दिए जाते हैं, तो हमारी राजनीति का स्तर क्या होगा?”

उन्होंने इसके लिए केंद्र को भी फटकार लगाते हुए कहा है कि, “एक केंद्रीय मंत्री भी महाराष्ट्र में हमारी सरकार की तुलना तालिबान से कर रहे थे। पश्चिम बंगाल के सांसद वहां की चुनी हुई सरकार को ‘तालिबानी’ कह रहे हैं। केंद्र सरकार इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। क्या इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य है? केंद्र और राज्य के बीच टकराव में, अगर कोई राज्य केंद्र के विचारों से सहमत नहीं है, तो क्या ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जा सकता है?”

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