10/September/2021, 21:46

image source : The hindu newspaper

केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने विपक्षी नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा है, कि दिग्विजय सिंह, फारूक अब्दुल्ला एवं महबूबा मुफ्ती यह सभी नेता तालिबान के समर्थक हैं । यह उन में मिले हुए हैं।

यह आरोप अजय मिश्रा टेनी द्वारा शुक्रवार को विपक्षी नेताओं को कब्जे में लेते हुए कहा गया कि, महबूबा मुफ्ती, फारूक अब्दुल्ला व दिग्विजय सिंह तालिबान के साथ हैं,क्योंकि ऐसा लगता है कि यह सभी नेता तालिबान की जो सोच महिलाओं को लेकर है,। उसका समर्थन करते हैं। अगर वे ऐसा नहीं मानते तो वह इसका खुलकर विरोध क्यों नहीं कर रहे हैं?

वे आगे कहते हैं कि आरएसएस के संचालक मोहन भागवत ने ऐसा कभी नहीं कहा कि महिलाओं का काम सिर्फ घर संभालना ही है। यह सभी जानते हैं कि हमारी सरकार में सबसे ज्यादा संख्या महिला मंत्रियों की है. और हम हमेशा महिलाओं के लिए काम करते हैं हम उनकी बेहतर शिक्षा के लिए शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह कह चुके हैं कि महिलाओं को लेकर तालिबान और आरएसएस की मानसिकता एक ही जैसी है। कांग्रेस के नेता ने कहा है कि, तालिबान कहता है कि महिलाएं मंत्री नहीं बन सकती हैं। मोहन भागवत कहते हैं कि महिलाओं को घर पर रहना चाहिेए और घर का ख्याल रखना चाहिए। क्या दोनों की सोच एक जैसी नहीं है।’

और फारूक अब्दुल्ला कह चुके हैं कि, तालिबान को मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और इस्लामी सिद्धांतों का पालन करना चाहिए। इसके साथ ही बाकी दुनिया के साथ अच्छे संबंध बनाने चाहिए।’

और जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटाने से पहले वहां के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती कह चुकी है कि, “तालिबान अब एक वास्तविकता बन गया है; उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी पहले की छवि मानवता और बुनियादी अधिकारों के खिलाफ थी; अब अगर वे अफगानिस्तान पर शासन करना चाहते हैं, तो उन्हें वास्तविक शरिया नियमों का पालन करना चाहिए जिसमें महिलाओं के अधिकार शामिल हैं – वे नहीं जो वे कहते हैं – फिर महबूबा मुफ्ती ने कहा कि केवल वे ही दूसरे देशों के साथ संबंध रख सकते हैं ।

वह जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले के अखराब गांव में एक जनसभा को संबोधित करती नजर आई। उसमें उन्होंने कहा कि,”लेकिन अगर वे [तालिबान] वही करते हैं जो उन्होंने 90 के दशक में किया था, तो यह न केवल अफगानिस्तान के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए भी मुश्किल होगा।”

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