23/September/2021, IST 21:49 PM

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दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम में फिर से वापसी कर ली है। लेकिन इस बार वह कप्तान नहीं है। टीम की कप्तानी की कमान ऋषभ पंत के हाथों में हैं। लेकिन कयास लगाए जा रहे थे कि सुरेश अय्यर टीम में वापसी करते ही टीम की कप्तानी भी करने लगेंगे। परंतु ऐसा नहीं हो पाया है। टीम ने निर्णय लिया है कि, ऋषभ पंत 2021 सीजन के आखिर तक टीम की कमान को संभाले रखेंगे।

सुरेश अय्यर ने जब टीम की कप्तानी की थी, तो उन्होंने टीम को फाइनल तक पहुंचाया था। लेकिन उनके कंधे में चोट होने की वजह से वह आईपीएल के पहले चरण में जो भारत में ही खेला गया था, उसमें खेल नहीं पाए थे। जिसकी वजह से दिल्ली कैपिटल्स ने अपना कप्तान बदलकर ऋषभ पंत को कमान संभालने को दे दी, जिसके बाद अब अय्यर वापसी कर चुके हैं, परंतु टीम के मैनेजमेंट ने अपना फैसला नहीं बदला है।

अब इस बार के आईपीएल में दिल्ली कैपिटल की कप्तानी ऋषभ पंत ही करेंगे। लेकिन श्रेयस अय्यर को इससे कोई दिक्कत नहीं है। वह कहते हैं कि आईपीएल 2021 के सीजन के कप्तान ऋषभ पंत को बनाए जाने से वह टीम प्रबंधन के निर्णय का दिल से स्वागत करते हैं। हालांकि उन्हें कप्तानी करना बहुत पसंद है, लेकिन इससे उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी। कोरोना की वजह से भारत में आईपीएल का पहला चरण ही पूरा हो पाया था जिसके बाद दूसरा चरण यूएई में आयोजित हो रहा है और इसी दौरान अय्यर ने मैच में फिर से एक बार वापसी की है। लेकिन कप्तान ऋषभ पंत ही हैं।

कल के आईपीएल मैच में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ दिल्ली मैदान में उतरी थी और दिल्ली ने सनराइजर्स हैदराबाद को 8 विकेट से हराया और जीत हासिल की। इस मैच में अय्यर ने 47 रनों की शानदार पारी खेली थी। उन्होंने यह कहा कि उन्हें अपनी टीम की नीति अच्छे से पता है, और उनको इससे कोई परेशानी नहीं है।

मैच खत्म हो जाने के बाद सुरेश अय्यर ने यह कहा कि, ‘जब मुझे कप्तानी सौंपी गयी थी तो मैं मानसिक तौर पर अलग तरह की स्थिति में था तथा निर्णय लेने की मेरी क्षमता और सहनशीलता का स्तर बहुत अच्छा था और मुझे पिछले दो वर्षों में इसका लाभ मिला।’

उन्होंने आगे कहा कि, ‘यह फ्रेंचाइजी का निर्णय है और उन्होंने जो भी निर्णय लिया है मैं उसका सम्मान करता हूं। ऋषभ सत्र के शुरू से ही अच्छी तरह से टीम की अगुआई कर रहे हैं और उन्हें लगा कि उसे सत्र के आखिर तक कप्तान बनाए रखना चाहिए और मैं इस फैसले का पूर्ण सम्मान करता हूं।’

इसके बाद उन्होंने बताया कि जब उन पर दबाव बनता है , तो उन्हें इस में आनंद आता है, क्योंकि इससे उनका खेल और भी ज्यादा बढ़िया तरीके से सामने आता है। वह कहते हैं कि, ‘और कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। अब मैं बल्लेबाजी पर अधिक ध्यान दे रहा हूं। जब मैं कप्तान था तो मुझे दबाव में खेलना पसंद था। जब दबाव होता है तो आपके सामने अधिक चुनौतियां होती हैं और ऐसी परिस्थितियों में मैं अच्छा प्रदर्शन करता हूं।’

उन्होंने यह भी कहा कि, ‘यहां तक कि आज (बुधवार) जब मैं क्रीज पर उतरा तो मैच जीतने का दबाव था। विकेट में असमान उछाल थी तो मेरी सोच वही थी कि आखिर तक टिके रहकर मैच जीतना है।’

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