5/September/2021, 4:59

भारत में कोरोना महामारी के चलते कोरोना से लड़ने के लिए दो वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सिन लोगों को लगाई जा रही है। लेकिन कुछ समय पहले ही एक नई खबर निकल कर सामने आ रही है कि, साउथ ईस्ट एशिया और अफ्रीका में नकली कोविशील्ड मिली है। इसके बाद डब्ल्यूएचओ ने फर्जी वैक्सीन को लेकर सभी को सतर्क रहने की हिदायत दी थी।

एवं अब इसके बाद केंद्र सरकार ने भी इसके लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। केंद्र सरकार ने भारत में सभी राज्यों को चिट्ठी लिखकर सतर्क किया है कि सभी राज्यों में वैक्सीन को लोगों को लगाने से पहले एक बार अवश्य जांच करें कि कहीं वह नकली तो नहीं है।

वैक्सीन को जांचने के लिए केंद्र सरकार ने अब सभी राज्यों को एक खाका तैयार करके भेजा है। इस खाके को देखकर यह पता चल सकेगा कि वैक्सीन नकली है या असली है?इस खाके के द्वारा अंतर जानने के लिए कोवैक्सिन, कोविशील्ड, एवं स्पूतनिक वी, सभी वैक्सीन पर उसका लेबल, एवं कलर, ब्रांड, का नाम क्या होता है, इन सब के बारे में पता चलता है।

भारत के अंदर अब तक 68.46 करोड़ लोगों को टीकाकरण हो चुका है। इसके ऊपर केंद्र सरकार द्वारा 11 पूर्वोत्तर एवं पहाड़ी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए गए हैं। इस निर्देश में कहा गया है कि 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को टीकाकरण की दूसरी खुराक बहुत जल्दी दी जानी चाहिए। देश में बहुत से राज्य ऐसे भी हैं जहां अभी तक पूरी तरह से टीकाकरण नहीं हो रहा है। वहां टीकाकरण की रफ्तार बहुत ही धीमी है। इस बात पर भी केंद्र ने अपनी चिंता व्यक्त की है और कहा है कि सभी राज्यों में तेजी के साथ टीकाकरण होना चाहिए.

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